सगाई पूजा

वाग्दान (सगाई) समारोह की शुभ पूजा विधि, जिसमें दोनों परिवार विवाह के संकल्प की रस्म निभाते हैं। अवधि लगभग एक घंटा।

सगाई पूजा

सगाई पूजा विवाह से पहले वाग्दान की रस्म है, जिसमें दोनों परिवार विधि-विधान से रिश्ते की पुष्टि करते हैं।
अवधि: एक घंटा
दक्षिणा / सेवा शुल्क: ₹2,500 से शुरू (पंडित जी सहित)
पूजा सामग्री का खर्च अलग हो सकता है; बुकिंग के समय स्पष्ट बता दिया जाएगा।

यह पूजा क्या है
इस पूजा में गणपति पूजन के बाद वर और वधू पक्ष संकल्प लेकर विवाह के वचन की घोषणा करते हैं। फिर तिलक, अंगूठी और उपहारों का आदान-प्रदान होता है। यह रिश्ते की औपचारिक और मंगलमय शुरुआत मानी जाती है।

कब और किसलिए की जाती है
- विवाह तय होने के बाद, विवाह से कुछ समय पहले की जाती है।
- दोनों परिवारों की उपस्थिति में रिश्ते की पुष्टि के लिए की जाती है।
- माना जाता है कि पूजा के साथ शुरुआत करने से नए रिश्ते में मंगल भाव रहता है।

पूजा की विधि (संक्षेप में)
1. संकल्प लेकर गणपति और कलश पूजन किया जाता है।
2. कुलदेवता का स्मरण किया जाता है।
3. दोनों पक्ष वाग्दान का संकल्प लेते हैं।
4. तिलक कर अंगूठी और उपहारों का आदान-प्रदान होता है।
5. बड़ों का आशीर्वाद लिया जाता है।
6. आरती और मिठाई वितरण के साथ समापन होता है। परंपरा के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।

आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- कलश और आम के पत्ते
- रोली, मौली और अक्षत
- अंगूठी और उपहार
- पुष्प-माला
- मिठाई और फल
- नारियल और पान-सुपारी
- धूप, दीप और कपूर
पूरी सामग्री सूची पंडित जी से पूछकर तय की जाएगी।

शुभ तिथि / मुहूर्त
सगाई का शुभ दिन और मुहूर्त पंचांग देखकर पंडित जी के साथ तय किया जाता है।

बुकिंग कैसे करें
1. "फॉर्म भरें" पर अपनी पूजा, तिथि और स्थान बताएँ, या WhatsApp पर संपर्क करें।
2. हमारी टीम पंडित जी, समय और दक्षिणा की जानकारी देगी।
3. पुष्टि के बाद आपकी बुकिंग पक्की होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र: क्या सगाई के लिए दोनों परिवारों का साथ होना ज़रूरी है?
उ: आम तौर पर दोनों परिवार मौजूद रहते हैं; विशेष स्थिति में पंडित जी से सलाह लें।

प्र: क्या यह पूजा घर या हॉल में हो सकती है?
उ: जी हाँ, घर, हॉल या किसी भी उपयुक्त स्थान पर कराई जा सकती है।

संपर्क: WhatsApp +91 8932026569 | info@yogsanskriti.co.in

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