नारायण बलि पूजा

पितृ शांति की भावना से परंपरा के अनुसार की जाने वाली विशेष नारायण बलि पूजा, पंडित जी के मार्गदर्शन में।

नारायण बलि पूजा

नारायण बलि पितरों की शांति से जुड़ी एक विशेष पारंपरिक विधि है, जो परंपरा के अनुसार असामान्य परिस्थितियों में हुए निधन के संदर्भ में की जाती है।
अवधि: ढाई घंटे
दक्षिणा / सेवा शुल्क: ₹4,500 से शुरू (पंडित जी सहित)
पूजा सामग्री का खर्च अलग हो सकता है; बुकिंग के समय स्पष्ट बता दिया जाएगा।

यह पूजा क्या है
इसमें भगवान नारायण (विष्णु) के पूजन के साथ पितरों के निमित्त विधियाँ की जाती हैं।

कब और किसलिए की जाती है
- परिवार की परंपरा और पंडित जी की सलाह के अनुसार यह विधि कराई जाती है।
- माना जाता है कि यह पितरों की शांति के लिए की गई श्रद्धापूर्ण प्रार्थना है।
- कई परिवार इसे अपने दिवंगत प्रियजनों की स्मृति में मन की शांति के लिए कराते हैं।

पूजा की विधि (संक्षेप में)
1. संकल्प और गणपति-कलश पूजन।
2. भगवान नारायण का आवाहन और पूजन।
3. पितरों के निमित्त पिंड और तिल-जल अर्पण।
4. हवन या प्रार्थना। परंपरा के अनुसार कुछ परिवार इसे तीर्थ स्थल पर करना पसंद करते हैं।
5. दान और समापन।

आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- कुश
- काले तिल और जौ
- पिंड के लिए आटा या चावल
- तुलसी दल
- गंगाजल
पूरी सामग्री सूची पंडित जी से पूछकर तय की जाएगी।

शुभ तिथि / मुहूर्त
इसके लिए तिथि और स्थान परिवार की परंपरा के अनुसार पंडित जी के साथ तय किए जाएँगे।

बुकिंग कैसे करें
1. "फॉर्म भरें" पर अपनी पूजा, तिथि और स्थान बताएँ, या WhatsApp पर संपर्क करें।
2. हमारी टीम पंडित जी, समय और दक्षिणा की जानकारी देगी।
3. पुष्टि के बाद आपकी बुकिंग पक्की होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र: क्या नारायण बलि घर पर हो सकती है?
उ: कई परिवार इसे तीर्थ या पवित्र स्थान पर करना पसंद करते हैं।

प्र: क्या यह विधि कराना आवश्यक है?
उ: यह आस्था और पारिवारिक परंपरा पर निर्भर है।

संपर्क: WhatsApp +91 8932026569 | info@yogsanskriti.co.in

Talk to Our Team
Call WhatsApp