हनुमान पूजा

बल, साहस और संकट-निवारण की भावना से हनुमान जी की विधिवत पूजा, पंडित जी के साथ।

हनुमान पूजा

हनुमान पूजा में पवनपुत्र हनुमान जी की आराधना की जाती है, जिन्हें बल, साहस और भक्ति का प्रतीक माना जाता है।
अवधि: 1 घंटा
दक्षिणा / सेवा शुल्क: ₹2,000 से शुरू (पंडित जी सहित)
पूजा सामग्री का खर्च अलग हो सकता है; बुकिंग के समय स्पष्ट बता दिया जाएगा।

यह पूजा क्या है
इसमें हनुमान जी का पूजन, सिंदूर-चोला अर्पण और हनुमान चालीसा का पाठ शामिल हो सकता है।

कब और किसलिए की जाती है
- मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा की परंपरा है।
- हनुमान जयंती पर विशेष पूजन श्रद्धा से किया जाता है।
- माना जाता है कि हनुमान जी के स्मरण से मन में साहस और आत्मविश्वास का भाव आता है।

पूजा की विधि (संक्षेप में)
1. संकल्प और गणपति पूजन।
2. हनुमान जी का आवाहन, जल से स्नान और सिंदूर-चमेली तेल अर्पण।
3. पुष्प, तुलसी दल और भोग अर्पण।
4. हनुमान चालीसा का पाठ। परंपरा के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।
5. आरती और प्रसाद वितरण।

आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- हनुमान जी की मूर्ति या चित्र
- सिंदूर और चमेली का तेल
- लाल फूल, तुलसी दल
- रोली, मौली, अक्षत
- गुड़-चना या बूंदी के लड्डू
पूरी सामग्री सूची पंडित जी से पूछकर तय की जाएगी।

शुभ तिथि / मुहूर्त
मंगलवार, शनिवार और हनुमान जयंती (चैत्र पूर्णिमा) शुभ मानी जाती हैं; सही तिथि और मुहूर्त पंडित जी के साथ तय होगा।

बुकिंग कैसे करें
1. "फॉर्म भरें" पर अपनी पूजा, तिथि और स्थान बताएँ, या WhatsApp पर संपर्क करें।
2. हमारी टीम पंडित जी, समय और दक्षिणा की जानकारी देगी।
3. पुष्टि के बाद आपकी बुकिंग पक्की होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र: क्या हनुमान पूजा घर पर हो सकती है?
उ: हाँ, घर के पूजा स्थान पर आराम से की जा सकती है।

प्र: क्या परिवार के सभी सदस्य शामिल हो सकते हैं?
उ: हाँ, परिवार के सभी लोग शामिल होकर आरती और हनुमान चालीसा पाठ में भाग ले सकते हैं।

संपर्क: WhatsApp +91 8932026569 | info@yogsanskriti.co.in

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