गायत्री यज्ञ
गायत्री मंत्र की आहुतियों सहित शुद्धि और ज्ञान-वृद्धि की भावना से किया जाने वाला गायत्री यज्ञ।

गायत्री यज्ञ में माँ गायत्री की आराधना के साथ हवन कुंड में आहुतियाँ दी जाती हैं।
अवधि: 2 घंटे
दक्षिणा / सेवा शुल्क: ₹3,500 से शुरू (पंडित जी सहित)
पूजा सामग्री का खर्च अलग हो सकता है; बुकिंग के समय स्पष्ट बता दिया जाएगा।
यह पूजा क्या है
गायत्री मंत्र को बुद्धि और विवेक की प्रार्थना माना जाता है।
कब और किसलिए की जाती है
- जन्मदिन, गृह प्रवेश या किसी शुभ अवसर पर शुद्धि और मंगल की भावना से यज्ञ कराया जाता है।
- विद्यार्थी और परिवार ज्ञान-वृद्धि की प्रार्थना के भाव से इसे कराते हैं।
- माना जाता है कि सामूहिक हवन से वातावरण में शुद्धता और शांति का अनुभव होता है।
पूजा की विधि (संक्षेप में)
1. संकल्प, गणपति और कलश पूजन।
2. माँ गायत्री का आवाहन और पूजन।
3. हवन कुंड में अग्नि प्रज्वलन और गायत्री मंत्र की आहुतियाँ।
4. पूर्णाहुति। परंपरा के अनुसार आहुतियों की संख्या अलग हो सकती है।
5. आरती और प्रसाद वितरण।
आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- हवन कुंड
- आम की समिधा (लकड़ी)
- हवन सामग्री और घी
- कपूर
- कलश और नारियल
पूरी सामग्री सूची पंडित जी से पूछकर तय की जाएगी।
शुभ तिथि / मुहूर्त
शुभ तिथि और मुहूर्त पंडित जी के साथ तय किया जाएगा।
बुकिंग कैसे करें
1. "फॉर्म भरें" पर अपनी पूजा, तिथि और स्थान बताएँ, या WhatsApp पर संपर्क करें।
2. हमारी टीम पंडित जी, समय और दक्षिणा की जानकारी देगी।
3. पुष्टि के बाद आपकी बुकिंग पक्की होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र: क्या यज्ञ घर पर हो सकता है?
उ: हाँ, खुली हवादार जगह होने पर घर या आँगन में हवन किया जा सकता है।
प्र: क्या परिवार के सभी लोग आहुति दे सकते हैं?
उ: हाँ, पंडित जी के निर्देशन में सभी श्रद्धालु आहुति में भाग ले सकते हैं।
संपर्क: WhatsApp +91 8932026569 | info@yogsanskriti.co.in