गरुड़ पुराण पाठ
दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना हेतु परिवार के लिए गरुड़ पुराण का श्रद्धापूर्वक पाठ।

गरुड़ पुराण का पाठ परिवार में किसी प्रियजन के निधन के बाद दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना के भाव से कराया जाता है।
अवधि: 2 घंटे
दक्षिणा / सेवा शुल्क: ₹4,000 से शुरू (पंडित जी सहित)
पूजा सामग्री का खर्च अलग हो सकता है; बुकिंग के समय स्पष्ट बता दिया जाएगा।
यह पूजा क्या है
इसमें पंडित जी भगवान विष्णु से जुड़े इस पुराण का पाठ करते हैं और परिवार के लोग शांतिपूर्वक उसे श्रवण करते हैं।
कब और किसलिए की जाती है
- निधन के बाद के दिनों में परंपरा के अनुसार परिवार यह पाठ सुनता है।
- माना जाता है कि श्रद्धा से किया गया पाठ दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना है।
- परिवार को इस कठिन समय में धार्मिक संबल और सांत्वना मिलती है।
पूजा की विधि (संक्षेप में)
1. संकल्प और गणपति पूजन।
2. भगवान विष्णु और गरुड़ पुराण ग्रंथ का पूजन।
3. पंडित जी द्वारा पाठ और परिवार द्वारा श्रवण।
4. शांति की प्रार्थना। परंपरा के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।
5. आरती, प्रसाद और समापन।
आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- गरुड़ पुराण ग्रंथ
- भगवान विष्णु का चित्र
- तुलसी दल
- गंगाजल
- चंदन, रोली, अक्षत
पूरी सामग्री सूची पंडित जी से पूछकर तय की जाएगी।
शुभ तिथि / मुहूर्त
पाठ के लिए तिथि पारिवारिक परंपरा के अनुसार पंडित जी के साथ तय की जाती है; कृपया अपनी स्थिति बुकिंग के समय बता दें।
बुकिंग कैसे करें
1. "फॉर्म भरें" पर अपनी पूजा, तिथि और स्थान बताएँ, या WhatsApp पर संपर्क करें।
2. हमारी टीम पंडित जी, समय और दक्षिणा की जानकारी देगी।
3. पुष्टि के बाद आपकी बुकिंग पक्की होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र: क्या पाठ घर पर हो सकता है?
उ: हाँ, घर में शांत वातावरण में पाठ कराया जा सकता है।
प्र: कितने लोग पाठ सुन सकते हैं?
उ: परिवार, रिश्तेदार और परिचित सभी श्रद्धा से बैठकर श्रवण कर सकते हैं।
संपर्क: WhatsApp +91 8932026569 | info@yogsanskriti.co.in