चंडी पाठ / यज्ञ

दुर्गा सप्तशती के पाठ और हवन सहित माँ चंडी की आराधना का शक्ति यज्ञ, विशेष अवसरों हेतु।

चंडी पाठ / यज्ञ

चंडी पाठ में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है और उसके साथ हवन कर माँ चंडी की आराधना की जाती है।
अवधि: 3 घंटे
दक्षिणा / सेवा शुल्क: ₹6,000 से शुरू (पंडित जी सहित)
पूजा सामग्री का खर्च अलग हो सकता है; बुकिंग के समय स्पष्ट बता दिया जाएगा।

यह पूजा क्या है
यह शक्ति उपासना की प्रमुख पारंपरिक विधि है।

कब और किसलिए की जाती है
- नवरात्रि में माँ दुर्गा की आराधना के लिए यह पाठ और यज्ञ कराने की परंपरा है।
- नए कार्य, गृह प्रवेश या किसी विशेष पारिवारिक अवसर पर श्रद्धालु इसे कराते हैं।
- माना जाता है कि देवी के स्मरण से मन में शक्ति और शांति का भाव आता है।

पूजा की विधि (संक्षेप में)
1. संकल्प, गणपति और कलश पूजन।
2. माँ दुर्गा और चंडी का आवाहन व पूजन।
3. दुर्गा सप्तशती का पाठ। परंपरा के अनुसार पाठ का क्रम थोड़ा भिन्न हो सकता है।
4. हवन कुंड में आहुतियाँ।
5. पूर्णाहुति, आरती और प्रसाद वितरण।

आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- दुर्गा सप्तशती ग्रंथ
- हवन कुंड और आम की लकड़ी
- हवन सामग्री और घी
- कलश और नारियल
- लाल चुनरी
पूरी सामग्री सूची पंडित जी से पूछकर तय की जाएगी।

शुभ तिथि / मुहूर्त
नवरात्रि का समय विशेष माना जाता है; सटीक तिथि और मुहूर्त पंडित जी के साथ तय किया जाएगा।

बुकिंग कैसे करें
1. "फॉर्म भरें" पर अपनी पूजा, तिथि और स्थान बताएँ, या WhatsApp पर संपर्क करें।
2. हमारी टीम पंडित जी, समय और दक्षिणा की जानकारी देगी।
3. पुष्टि के बाद आपकी बुकिंग पक्की होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र: क्या पाठ का समय पंडित जी की संख्या पर निर्भर करता है?
उ: हाँ, पाठ और हवन का समय पंडितों की संख्या पर निर्भर कर सकता है।

प्र: क्या घर पर यह यज्ञ हो सकता है?
उ: हाँ, सुरक्षित और खुली जगह पर घर में हवन के साथ यह पाठ कराया जा सकता है।

संपर्क: WhatsApp +91 8932026569 | info@yogsanskriti.co.in

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